हिंदू धर्म में दिवाली के त्योहार का विशेष महत्व है। धनतेरस का त्योहार दिवाली से पहले मनाया जाता है। हिंदू कैलेंडर के अनुसार धनतेरस कार्तिक मास के कृष्ण पक्ष की त्रयोदशी के दिन मनाया जाता है।
धनतेरस क्यों मनाया जाता है?
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार जब भगवान धन्वंतरि प्रकट हुए तो उनके हाथ में अमृत से भरा कलश था। इस दिन भगवान धन्वंतरि की पूजा करना बहुत शुभ माना जाता है। इस दिन को धन्वंतरि जयंती या धन त्रयोदशी के नाम से भी जाना जाता है। इस दिन बर्तन और गहने आदि की खरीदारी करना बहुत शुभ माना जाता है।
महालक्ष्मी की पूजा क्यों की जाती है?
कहते हैं धनतेरस के दिन भगवान धन्वंतरि और मां लक्ष्मी की पूजा करने से जीवन में कभी भी धन की कमी नहीं होती है. इस दिन भगवान कुबेर की पूजा करने का भी विधान है।
धनतेरस 2021 शुभ मुहूर्त-
धनतेरस तिथि 2021: 2 नवंबर, मंगलवार
धन त्रयोदशी पूजा का शुभ मुहूर्त: शाम 5:25 से शाम 6 बजे तक।
प्रदोष काल: शाम 05:39 से 20:14 बजे तक।
वृष: शाम 06:51 से 20:47 तक।
धनतेरस पूजा विधि-
1. सबसे पहले चौकी पर लाल रंग का कपड़ा बिछा दें।
2. अब भगवान धन्वंतरि, माता महालक्ष्मी और भगवान कुबेर की मूर्ति या फोटो को गंगाजल छिड़क कर स्थापित करें।
3. भगवान के सामने देसी घी, अगरबत्ती और अगरबत्ती का दीपक जलाएं।
4. अब देवताओं को लाल फूल चढ़ाएं।
5. अब इस दिन आपने जो भी धातु या बर्तन या आभूषण खरीदा है उसे पोस्ट पर रखें।
6. लक्ष्मी स्तोत्र, लक्ष्मी चालीसा, लक्ष्मी यंत्र, कुबेर यंत्र और कुबेर स्तोत्र का पाठ करें।
7. धनतेरस की पूजा के दौरान लक्ष्मी माता के मंत्रों का जाप करें और मिठाई भी चढ़ाएं.
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