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नारनौल (Hariyana-latest-news)

अब गंभीर हुई सरकार: अगर निर्धारित समय पर काम नहीं करते है अफसर और कर्मी तो फिर जुर्माने के लिए रहें तैयार

सरकार अब आरटीआई की तर्ज पर शुरू किए गए आरटीएस को लेकर बहुत गंभीर नजर आ रही है सरकार


जाति प्रमाण पत्र, राशन कार्ड, ड्राइविंग लाइसेंस और विभिन्न प्रकार की पेंशन आदि कुल 38 विभागों की 522 प्रकार की सेवाएं व योजनाएं आरटीएस (राइट टू सर्विस एक्ट/सेवा का अधिकार अधिनियम) के दायरे में आ चुकी हैं। अब अगर आवेदनकर्ता को इन सेवाओं का लाभ सेवा की निर्धारित समय-सीमा में नहीं मिलता है तो उस सेवा से संबंधित विभाग के अधिकारी व कर्मचारी के खिलाफ जुर्माना ठोका जाएगा, क्योंकि अब आरटीआई (राइट टू इंफॉर्मेशन/सूचना का अधिकार) की तर्ज पर शुरू किए गए आरटीएस (राइट टू सर्विस एक्ट/सेवा का अधिकार) को लेकर सरकार गंभीर हो गई है। इसलिए अगर कोई भी अधिकारी या कर्मचारी आपका काम समय पर नही करता है तो आप उसकी सिकायत भी कर सकते है। 

लंबे समय से रिक्त इसके चीफ कमिश्नर के पद पर रिटायर्ड आईएएस टीसी गुप्ता को नियुक्त किया है। इसलिए आईएएस टीसी गुप्ता को इस अधिनियम के तहत कार्रवाई का पूरा अधिकार प्राप्त है। जिन भी 32 विभागों की 522 सेवाएं इस अधिनियम के तहत लाई गई हैं, उन सभी सेवाओ की समयावधि पहले ही निर्धारित की जा चुकी है। यानि कौन यह पहले ही तय कर दिया गया है की कौन सी सेवा या काम कितने दिन में पूरा करना है। अगर आपका काम निर्धारित समय मे नहीं होता है तो आप प्रथम अपीलेंट अथॉरिटी के पास तीस दिन के अंदर अंदर अपनी शिकायत दर्ज करवा सकते है।

अगर सिकायत करने के बाद भी आपका काम नही होता है तो फिर आप 60 दिन के अंदर-अंदर द्वितीय अपीलेंट अथॉरिटी मे शिकायत कर सकते है। अगर वहां भी आपकी समस्या का समाधान नहीं होता है तो इस अधिनियम में ऑटो अपील का भी प्रावधान (ऑप्शन) है। कमिशनर खुद आपकी सिकायत को सुनेंगे तथा सेवा से संबंधित अधिकारी व कर्मचारी की जिम्मेदारी तय करके उस पर 250 से 5 हजार रुपए का जुर्माना लगा सकता है। अगर आवेदक को सेवाएं नहीं मिलने से ज्यादा नुकसान हुआ है तो उस आवेदक को एक हजार रुपए हर्जाना के तौर पर दिये जाएँगे।

आरटीआई की तरह ही कमिश्नर संबंधित अधिकारी को भी समन यानि की तलब कर सकता है तथा उस अधिकारी या कर्मचारी पर जुर्माना भी लगा सकता है। ऐसे में सभी अधिकारी या कर्मचारी अपने विभाग को सबसे अच्छा साबित करने के लिए तय समय-सीमा में ही काम करें। आईएएस टीसी गुप्ता ने निर्देश दिए कि वे अपने कर्मचारियों को आज ही आरटीएस के बारे में जानकारी दें ताकि वे भी सजग हो जाये और अपने काम के प्रति सचेत रहे और मन लगाकर काम करे।

आईएएस टीसी गुप्ता ने ये भी निर्देश दिए है कि सभी विभाग आरटीएस का बोर्ड 15 जुलाई तक लगवा लें और ये बोर्ड हिंदी भाषा में जरूर होना चाहिए। इसमें सेवा का समय, प्रथम, द्वितीय अपीलेंट अथॉरिटी आदि के बारे में संपूर्ण जानकारी दर्ज करनी होगी। प्रशिक्षण में नगराधीश अमित कुमार व सचिव आरटीए अजय सिंह के अलावा अन्य अधिकारी मौजूद थे।

अधिनियम के बारे में भी दिया प्रशिक्षण

सेवा का अधिकार अधिनियम के तहत अधिकारियों व कर्मचारियों को किस तरह से सेवाएं देनी हैं। अगर वे निर्धारित समय सीमा में काम नही करते है तो उनको कितना जुर्माना देना पड़ सकता है। कौन कौन सी सेवाएं कितने समय में देनी हैं, यानि की किस सेवा की अवधि कितनी होगी वो भी निश्चित कर दिया गया है। इस प्रकार के सभी सवालों का जवाब देने के लिए बीते मंगलवार को लघु सचिवालय में सभी अधिकारियों को आरटीएस का प्रशिक्षण भी दिया गया।

अतिरिक्त उपायुक्त अभिषेक मीणा की अध्यक्षता में हुए इस प्रशिक्षण कार्यक्रम में प्रोजेक्टर के जरिए से मुख्यमंत्री सुशासन सहयोगी कौस्तुभ विराट ने बिंदुवार आरटीएस की जानकारी दी। एडीसी अच्छी तरह से स्पष्ट कर दिया है कि अब आरटीआई की तर्ज पर आरटीएस लागू हो चुका है। राज्य सरकार ने टीसी गुप्ता को चीफ कमिश्नर बनाया है। राज्य में 38 विभागों की 522 प्रकार की सेवाएं व योजनाएं अब आरटीएस के दायरे में आ चुकी हैं। मीणा ने बताया कि अब विभागों का परफॉरमेंस इंडिकेटर बताएगा कि विभागों की सेवाओं की गुणवत्ता कितनी है, यानि की किस विभाग मे कितना अच्छा काम होता है और कितनी जल्दी काम होता है। 

Reference Link : Bhaskar.com

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