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#Hanuman Poojan Vidhi | #Hanuman Jee ki Pooja Kaise kre | #हनुमान जी की पूजा कैसे करे | हनुमान पूजा मंत्र | हनुमान जी की पूजन विधि | हनुमान पूजा के नियम | हनुमान जी के टोटके | हनुमान जी को बुलाने का मंत्र | हनुमान जी की सेवा कैसे करें

हनुमान जी की पूजन विधि | हनुमान पूजा के नियम हनुमान जी के टोटके | हनुमान जी को बुलाने का मंत्र | हनुमान जी की सेवा कैसे करें


#Hanuman Poojan Vidhi | #हनुमान जी का व्रत कैसे करें

महावीर हनुमान् जी शिव जी के 11 वे रुद्रावतार हैं, जिनकी विधि अनुसार पूजा करने से सभी दुख दूर हो जाते है हनुमान जी की पूजा करने वाले को हमेशा ब्रह्मचर्य का पालन करना चाहिए और ब्रह्मचर्य का पालन करते हुए नित्य वडवानल स्तोत्र का 108 बार पाठ करना चाहिये। वडवानल स्तोत्र के पाठ से भूत - प्रेत बाधा,  ब्रह्मराक्षस , ऊपरी बाधा, और हर प्रकार के दुखो का का निवारण होता  है  
इस दुनिया मे  ऐसा कोई भी कार्य नही है जो हनुमान जी अपने भक्तो के लिए ना कर सकें, बस आवश्यकता है तो हमे सच्चे मन से उन्हें याद करने की इसलिए हमे हमेशा सच्चे मन से ही हनुमान जी की पूजा करनी चाहिए और ब्रह्मचर्य का पालन करना चाइए।  

हनुमान जी के कुछ मंत्र हैं जिनका जप यदि इस वडवानल स्तोत्र के साथ किया जाये तो सभी कामनाए पूरी हो जाती है अगर आप कोई भी साधना करना चाहते है तो आपको बताना चाहूँगा की कोई भी साधना बिना गुरू की आज्ञा के ना करें ( क्योकि गुरु बिन ज्ञान नही )

हिन्दू धर्म मे शास्त्रों के अनुसार हनुमान जी के पूजन का कलयुग मैं बहुत ज्यादा महत्त्व है। मंगलवार के दिन हनुमान जी की पूजा विधि अनुसार करने से हनुमान जी सारे कष्ट दूर करके जीवन मे सुख समृद्धि और धन- दौलत की बौछार करते है और आपकी सभी मनोकामनाएँ पूरी करते है

मंगलवार और शनिवार बजरंगबली (हनुमान जी ) के दिन हैं. शास्त्रो के अनुसार मंगलवार को हनुमान जी का खास पूजन, यानि की विधि- विधान पूजन करने से बहुत लाभ होते हैं. मंगलवार को हनुमान जी का पूजन करने से हनुमान जी आपको खास लाभ देते हैं

आइए जानें की हनुमान जी आपको क्या क्या लाभ देंगे ...

1. प्रत्येक मंगलवार के दिन हनुमान जी को सिंदूर चड़ाने और हनुमान जी की पूजा करने  से समस्त दुखों से छुटकारा मिलती है.

2. हनुमान जी (Hanuman Jee) एक ऐसे देवता हैं जिनकी पूजा में सावधानी बरतना बहुत ही ज्यादा जरूरी है. मंगलवार को अगर सुबह बरगद के पेड़ के एक पत्ते को तोड़कर और फिर पत्ते को गंगा जल से धो कर हनुमान जी को अर्पित करें तो धन-दौलत की मनोकामनए पूरी होती है और आर्थिक संकटों से भी मुक्ति मिलती है.

3. मंगलवार के दिन अगर हनुमान जी को एक पान का बीड़ा नियम से चढ़ाया जाए तो आपके लिए नए - नए  रोजगार के रास्ते खुलते हैं और नौकरी मे आपको को प्रमोशन के अवसर मिलते हैं.

4. मंगलवार के दिन शाम के समय हनुमान जी को केवड़े का इत्र एवं गुलाब के फूलो की माला चढ़ाएं और कोशिश करें कि स्वयं लाल रंग के कपड़े पहनें. अगर आप धन-दौलत होने से परेशान है तो फिर, धन के लिए हनुमान जी को प्रसन्न करने का यह सबसे आसान उपाय है. इसलिए आप यह उपाय करना चाहते है तो सच्चे मन से करे और याद रखे की अगर आपको धन-दौलत का लाभ होता है तो उसमे से कुछ पैसे आप गरीबो के लिए भी दान दे, या फिर गरीबो को खाना और कपड़े दान मे दे।  ऐसा करने से आपको और भी ज्यादा लाभ होगा और हनुमान जी आप पर हमेशा अपनी कृपा बनाए रखेंगे।

5. हो सके तो मंगलवार के दिन हनुमान जी का व्रत करे और शाम को बूंदी के लड्डू या बूंदी का प्रसाद बांटें. इससे संतान संबंधी समस्याएं दूर हो जाती है और आपकी संतान हमेशा सुखी और निरोग रहती है।   

6. मंगलवार के दिन हनुमान जी के चरणों मे फिटकरी अर्पित करने से सभी प्रकार के बुरे सपनों से छुटकारा मिलता है।  

7. हनुमान जी के मंदिर में जा कर रामरक्षास्त्रोत का पाठ करने से सारे बिगड़े काम संवर जाते हैं और अटके हुए काम भी संवर जाते हैं साथ ही सभी प्रकार के कर्जो से भी मुक्ति मिलती है.

8. मंगलवार के दिन नहा-धोकर और साफ-सुथरे कपड़े पहनकर हनुमान जी की प्रतिमा के सामने बैठ कर राम नाम का 108 बार जाप करें,क्योंकि हनुमान जी रामजी के अत्यंत प्रिय भक्त हैं. इसलिए जो भी श्रीराम की भक्ति करता है या फिर राम नाम का जाप करते है, उन्हें वह पहले वरदान देते हैं. ये उपाय करने से हनुमान जी आपसे प्रसन्न होकर , आपकी विवाह संबंधी मनोकामना पूरी करते हैं.

9. मंगलवार के दिन हनुमान जी की प्रतिमा के सामने सरसों के तेल का दिया जलाएं और हनुमान चालीसा का पाठ करें. यह उपाय करने से आपके दांपत्य जीवन में सरलता लाता है और आपका दांपत्य जीवन सुखो से भर जाता है।

10. हं हनुमंतये नम: (OM Hanumantye Namhh) इस मंत्र का जाप करने से हनुमान जी प्रसन्न होते हैं और आपकी हर मनोकामनए पूरी करते है।  

     हं हनुमते रुद्रात्मकाय हुं फट इस मंत्र का रुद्राक्ष की माला से जाप करने से भी हनुमान जी बहुत प्रसन्न होते हैं.

            संकट कटै मिटै सब पीरा,जो सुमिरै हनुमत बलबीरा का उच्चारण करने से सभी बुरी शक्तियां दूर भाग जाती हैं. आरोग्य का वरदान मिलता है. साथ ही आप निडर बनते है और आपको कभी भूतप्रेतो से डर नही लगेगा।

#Hanuman Poojan (Puja) Vidhi In Hindi | #हनुमान जी के किस रूप की पूजा सबसे फलदायी है | #हनुमान जी के ज्योतिष उपाय

🙏🙏🙏हनुमान जी की पूजन (पूजा) विधि🙏🙏🙏

पूजा स्थान पर लाल आसन डालकर हनुमान जी की प्रतिमा के सामने बैठ जाए। 

फिर 1 (१) घी का और 1(१) सरसो के तेल का दीपक जलाये

हनुमान जी के सामने अगरबत्ती और धूपबत्ती जलाये

फिर हाथ में थोड़े से चावल और फूल लेकर हनुमानजी का ध्यान करे और आवाहन करे (यानि हनुमान जी को याद करे और हनुमान जी को अपने घर मे पधारने के लिए बोले )

अब थोड़े से सिंदूर (Orange Color सिंदूर ) मैं चमेली का तेल मिलाकर हनुमान जी की प्रतिमा ( मूर्ति ) पर लेप करे पाँव से शुरू करकर सर तक लेप करे। 

चांदी या सोने का वर्क हनुमान जी की मूर्ति पर लगाए

अब हनुमान जी को लाल रंग का लंगोट पहनाये

हनुमान जी की मूर्ति पर इत्र छिड़के

हनुमानजी के सर पर कंकु (कुमकुम ) का टिका लगाए

लाल रंग के गुलाब और माला हनुमान जी को चढ़ाये .

भुने हुए चंने और गुड़ का नैवेद्य (प्रसाद) चड़ाए

नैवेद्य पर तुलसी का पत्ता रखे

हनुमान जी को केले चढ़ाये, क्योकि हनुमान जी को केला सबसे ज्यादा अच्छा लगता है। 

हनुमान जी को बनारसी पान का बीड़ा चढाए (अर्पित) करे

11 बार हनुमान चालीसा का पाठ करे, अगर आपके पास टाइम का अभाव है, तो आप एक बार भी पाठ कर सकते है। याद रखे हनुमान चालीसा का पाठ हमेशा सच्चे मन से ही करना चाहिए। 

पूजा के अंत मैं हनुमान जी की आरती करे

फिर हनुमान जी की पूजा मे बचा हुआ प्रसाद अपने घर मे बाँट दे और हनुमान से मन ही मन मे प्रार्थना करे की वो आप पर और आपके पूरे परिवार पर हमेशा अपना आशीर्वाद बनाए रखे। 


हनुमान जी की पूजा  पूरी होने के बाद हनुमान जी से मन ही मन मे कहे की हे हनुमान जी, हे श्री राम जी मेरे द्वारा की हूई पूजा में अगर अज्ञानतावश कुछ कमी रही हो तो मुझे माफ करना। जाने अनजाने मे या अज्ञानतावश हूई गलतियों के लिए भगवान् हनुमान जी के सामने हाथ जोड़कर निम्नलिखित मंत्र का जप करते हुए क्षमा याचना करे

🙏🙏मन्त्रहीनं क्रियाहीनं भक्तिहीनं सुरेश्वरं l यत पूजितं मया देव, परिपूर्ण तदस्त्वैमेव l

आवाहनं न जानामि, न जानामि विसर्जनं l पूजा चैव न जानामि, क्षमस्व परमेश्वरं l🙏🙏

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